🟤 राउंड टेबल मीटिंग (06–07 दिसंबर 2025) – “शहरी प्रकृति तक किसकी पहुँच?”
USO International Centre, New Delhi | समुदायों की आवाज़, न्याय और समान अधिकार की बातचीत
🟤 Round Table Meeting (06–07 Dec 2025) – “Who Has Access to Urban Nature?”
धुरी ने 06–07 दिसंबर 2025 को दिल्ली में राउंड टेबल आयोजित की, जिसमें शहरी प्रकृति, विस्थापन और समुदाय अधिकारों पर चर्चा हुई।
परिचय
दिल्ली-एनसीआर में “हरियाली” और “विकास” की बात तो बहुत होती है, लेकिन इसका असर हर किसी पर एक जैसा नहीं पड़ता। कुछ लोगों को साफ हवा, पार्क और सुविधाएँ मिलती हैं, जबकि कई समुदायों को प्रदूषण, विस्थापन और रोज़गार के नुकसान का सामना करना पड़ता है। इसी असमानता को समझने और बातचीत को मजबूत करने के लिए धुरी ने एक दो-दिवसीय राउंड टेबल मीटिंग में सहभागिता की, जिसका मुख्य प्रश्न था — “शहरी प्रकृति तक किसकी पहुँच है, और पर्यावरणीय कर्ज़ कौन चुकाता है?”
क्या हुआ?
यह राउंड टेबल 06 और 07 दिसंबर 2025 को USO International Centre, New Delhi में आयोजित हुई। इसमें समुदाय के सदस्य, वकील, सामाजिक कार्यकर्ता, पर्यावरण विशेषज्ञ, पत्रकार और शिक्षाविद एक साथ आए ताकि जमीनी सच्चाइयों को सुना जाए, समझा जाए और न्यायपूर्ण समाधान पर मिलकर काम किया जा सके।
यह क्यों ज़रूरी है?
कई बार गरीब बस्तियों को “अवैध” बताकर हटाने की कोशिश की जाती है, जबकि उसी तरह की जमीन पर बड़े और ताकतवर लोगों की गतिविधियाँ चलती रहती हैं। अचानक नोटिस, असमान नियम और विस्थापन का डर लोगों के जीवन को असुरक्षित बना देता है। यह बैठक एक ऐसा मंच बनी जहाँ समुदाय अपनी बात सम्मान के साथ रख सके और बदलाव की दिशा तय हो सके।
हमारा तरीका
- पहला दिन: प्रभावित समुदायों की बात सुनना और उनके अनुभवों को दर्ज करना।
- दूसरा दिन: कानूनी, नीति और प्लानिंग से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक सोच।
- समूह चर्चा के माध्यम से “समान और न्यायपूर्ण शहर” की कल्पना पर काम।
- मैपिंग, दस्तावेज़ीकरण, ट्रेनिंग और एकजुटता जैसे अगले कदम तय करना।
प्रभाव और परिणाम
- समुदायों के बीच एकजुटता और भरोसा मजबूत हुआ।
- अधिकारों पर स्पष्ट बातें सामने आईं — साफ पानी, सुरक्षित घर, लिखित नोटिस, और सम्मान के साथ जीवन।
- कार्रवाई के सुझाव बने — बस्तियों की सही मैपिंग, अधिकार-आधारित प्रशिक्षण, और दीर्घकालिक समर्थन।
समुदाय की आवाज़
“पहली बार लगा कि लोग बिना जज किए हमारी बात सुन रहे हैं। हमें झगड़ा नहीं चाहिए —
हमें न्याय, सुरक्षा और सम्मान से जीने का अधिकार चाहिए।”
— एक समुदाय प्रतिभागी, दिल्ली-एनसीआर
FAQ (सामान्य प्रश्न)
1) इस राउंड टेबल का मुख्य विषय क्या था?
बैठक का विषय था शहरी प्रकृति तक समान पहुँच और “पर्यावरणीय कर्ज़” की समझ — यानी किसे लाभ मिल रहा है और किसे नुकसान।
2) इसमें कौन-कौन शामिल था?
समुदाय के सदस्य, वकील, कार्यकर्ता, पर्यावरण विशेषज्ञ, पत्रकार और शिक्षाविद शामिल हुए।
3) बैठक से क्या परिणाम निकले?
समुदाय की समस्याएँ दर्ज हुईं, सिस्टम की असमानताएँ सामने आईं और आगे की दिशा तय हुई जैसे मैपिंग, दस्तावेज़ीकरण, ट्रेनिंग और कानूनी/नीति स्तर पर काम।
4) धुरी के काम को कैसे सपोर्ट कर सकते हैं?
आप दान, स्वयंसेवा, सहयोग, या संपर्क के जरिए धुरी के प्रयासों से जुड़ सकते हैं।
Tags: पर्यावरण न्याय, शहरी प्रकृति, दिल्ली एनसीआर, समुदाय अधिकार, राउंड टेबल
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